Monday, September 3, 2018

मधुमास


मधुमास हो गया लाश प्रिये..
कितना नीरस मधुमास प्रिये..
कितना नीरस मधुमास प्रिये..
दिल बहलाने की हे-डाह प्रिये..
हे भूख तड़प व प्यास प्रिये...
आ जाओ जीवन आस प्रिये...
मिट जाए सारी प्यास प्रिये...
खिल जाए फिर मधुमास प्रिये...
कितना नीरस मधुमास प्रिये...
हे प्रेम मार्ग की भंवर प्रिये...
चंदन की ठंढ़ सुगंध प्रिये...
चाहत की मुक्तक छंद प्रिये...
सागर की मानस हंस प्रिये...
हिरनी की चाल कुलांच प्रिये...
गुलजार करो मधुमास प्रिये...
पावन कर दो मधुमास प्रिये...
कितना नीरस मधुमास प्रिये...
मिल जाओ मेरी मधुमास प्रिये...
आ जाओ मेरी मधुमास प्रिये...

No comments:

Post a Comment