खुशियों की ख्वाब से बनती है जिन्दगी।
सपनो की कलम से लिखती है जिन्दगी।
अपनों के प्यार से महकती है जिन्दगी।
हर पल एक नया किस्सा सुनाती है जिन्दगी।
कभी गम, तो कभी खुशी है जिन्दगी।
कभी धूप, कभी छाव है जिन्दगी।
बनते बिगड़ते हालातों का हिसाब है जिंदगी।
हर रोज जिसमें एक नया पन्ना जुड़े वह किताब है जिन्दगी।
भगवान ने जो दिया वो उपहार है जिन्दगी।
कभी सपनो की भीड़, तो कभी भीड़ में तन्हा है जन्दगी।
कुदरत ने जो धरती पर बिखेरा वो प्यार है ज़िन्दगी।
बारिश में भिंगी गिली मिट्टी की सोंधी खूशबू है जिन्दगी।
कभी प्यार तो, कभी गम की परछाई है जिन्दगी।
अपने-पराये की रहनुमाई है जिन्दगी।
जिसने इसको जैसे ढाला वैसे वन गई उसकी जिन्दगी।
सपनो की कलम से लिखती है जिन्दगी।
अपनों के प्यार से महकती है जिन्दगी।
हर पल एक नया किस्सा सुनाती है जिन्दगी।
कभी गम, तो कभी खुशी है जिन्दगी।
कभी धूप, कभी छाव है जिन्दगी।
बनते बिगड़ते हालातों का हिसाब है जिंदगी।
हर रोज जिसमें एक नया पन्ना जुड़े वह किताब है जिन्दगी।
भगवान ने जो दिया वो उपहार है जिन्दगी।
कभी सपनो की भीड़, तो कभी भीड़ में तन्हा है जन्दगी।
कुदरत ने जो धरती पर बिखेरा वो प्यार है ज़िन्दगी।
बारिश में भिंगी गिली मिट्टी की सोंधी खूशबू है जिन्दगी।
कभी प्यार तो, कभी गम की परछाई है जिन्दगी।
अपने-पराये की रहनुमाई है जिन्दगी।
जिसने इसको जैसे ढाला वैसे वन गई उसकी जिन्दगी।

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